गुस्सा करना छोड़ दो वरना सिर्फ पछताओगे
ग़ुस्सा सबको आता है नहीं आता हैं तो उसको काबू करना। बस यही बात गुस्से को बुरा बना देती है । जरासल गुस्सा आना बुरी बात नहीं है लेकिन गुस्से को हम ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाते तो ओ बुरा बन जाता है। क्या हो अगर आपको एक आइसी कार दी जाय जिसमे सीर्फ एक्सलेटर ही हो जिसमे आपके पास कोई ब्रेक नहीं है,या कोई स्टेअरिंग भी नहीं है। आप उस कार को कभी चलाओगे ही नहीं क्यूंकी आप आगे बढ़ने के लीय एक्सलेटर तो दबाओगे लेकिन उसे सटेरींग न होने की वजहसे सही दिशा मे नहीं ले जा पाओगे जरूरत पड़ने पर रोक नहीं पाओगे ओर ज्यादा चानसेस है की ईस तरह की कार चलाने से आपका जान ओर माल का नुकसान हो जाय। गुस्सा कुछ ईस तरह का ही हैं जो सीर्फ ओर सीर्फ नुकसान ही पोहनचा सकता है। याद करो की आज तक आपने गुस्से मे आकार कीतनी चीजे तोड़ी है कितने मोबाइल फोड़े है कीतनोके दिल तोड़े है। क्या ओ करना जरूरी था आज सोचोगे तो आपका जवाब होगा नहीं। अगर आप उस वक्त गुस्से को कंट्रोल कार पाते तो आप उस आर्थिक और पारिवारिक नुकसान से बच जाते। आपको कहानी सुनाता हु एक घुसेल साप की जिसको बहु...